पाठदोष
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]पाठदोष संज्ञा पुं॰ [सं॰] पढ़ने का ढंग या पढ़ने के समय की वह चेष्टा जो निद्य और वर्जित है । जैसे, विकृत या कठोर स्वर से पढ़ना, अव्यक्त, अस्पष्ट, सानुनासिक या बहुत ठहर ठहरकर उच्चारण करना, गाकर पढ़ना, सिर आदि अंगों को हिलाना । प्राचीन संस्कृत ग्रंथों में ऐसे दोषों की संख्या अट्ठारह मानी गई है ।