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पाण्डुपञ्चानन

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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पांडुपंचानन रस संज्ञा पुं॰ [सं॰ पाण्डुपञ्चानन रस] वैद्यक में एक प्रकार का रस जिसे त्रिकटु, त्रिफला, दंतीमूल, चितामूल, हलदी, मानमूल, इंद्रजौ, बच, मोथा आदि औषधियों को गोमूत्र में पकाकर बनाते हैं और जो पांडु तथा हलीमक आदि रोगों के लिये बहुत ही उपकारक माना जाता है ।