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पातग

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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पातग पु † संज्ञा पुं॰ [सं॰ पातक ] पाप । पातक । उ॰—कनक कंति दुति अंग की निरषि सु पातग जात । परमानंद प्रदायिनी, पार करन जग मात । —पृ॰ रा॰, ३ । ६ ।