पारिपात्र
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]पारिपात्र संज्ञा पुं॰ [सं॰] सप्त कुलपर्वतों में से एक जो विंध्य के अंतर्गत है । विशेष— इससे निकली हुई ये नदियाँ बताई गई हैं— वेदस्मृति, वेदवती, वृत्रघ्नी, सिंघ्, सानंदिनी, सदानीरा, मही, पारा, चर्मण्यवती, नृपी, विदिशा, वेत्रवती, शिप्रा इत्यादि (मार्क- डेंय पुराण) । विष्णु पुराण में लिखा है कि मरुक और मालव जाति इस पर्वत पर निवास करती थी । कहीं कहीं 'पारियात्र' भी इसका नाम मिलता है । चीनी यात्री 'हुएन्सांग' ने दक्षिण के 'पारिपात्र' राज्य का उल्लेख किया है ।