पार्थ

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

पार्थ संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. पृथ्वीपति ।

२. (पृथा का पुत्र) अर्जुन ।

३. युधिष्ठिर और भीम । विशेष— कुंती का नाम 'पृथा' भी था इसी से कुंती की तीन संतानों में से प्रत्येक को 'पार्थ' कहते थे ।

४. अर्जुन वृक्ष ।