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पावँड़

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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पावँड़ संज्ञा पुं॰ [हि॰ पाँव + डा़ (प्रत्य॰)] वह कपड़ा या बिछौना जो आदर के लिये किसी के मागँ में बिछाया जाता है । पैर रखने के लिये फैलाया हुआ कपड़ा । पायंदाज । उ॰— (क) देत पावँड़े अरघ सुहाए । सादर जनक मंड़पहि । लाए । — तुलसी (शब्द॰) । (ख)पौरि के दुवारे ते लगाय केलिमंदिर लौं पदमिनि पावँड़े पसारे मखमल के । — (शब्द॰) । क्रि॰ प्र॰— डालना ।— देना ।—पसारना ।—बिछाना ।