पिंडारी
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]पिंडारी संज्ञा पुं॰ [देश॰] दक्षिण की एक जाति जो पहले कर्णाट, महाराष्ट्र आदि में बसती थी, और खेती करती थी, पीछे अवसर पाकर लुट मार करने लगी और मुसलमान हो गई । विशेष—मुसलमानों से पिंडारियों में यह भेद है कि ये गोमांस नहीं खाते और देवताओं की पुजा और व्रत उपवास आदि करते हैं । पिंडारी लोग बहुत दिनों तक मरहटों की सेवा में थे और लुट पाट में उनका साथ देते थे, यहाँ तक कि पानीपत की लड़ाई में मरहठों की सेना में उनके दो सरदार अठारह हजार सवारों के साथ थे । पीछे मध्यप्रदेश में बसकर पिंडारी चारों ओर घोर लुटाट करने लगे और प्रजा इनके अत्याचारों से तंग आ गई । जब सन् १८०० के पीछे ये अँगरेजी राज्य में भी उपद्रव करने लगे, तब लार्ड हेस्टिंग्ज ने सेनाएं भेजकर इनका दमन किया ।