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पिङ्घना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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पिंघना पु † क्रि॰ स॰ [सं॰ परिधारण ] दे॰ 'पहनना' । उ॰—तान्हि बैश्याहि करो सुखसार मंडंते अलक तिलका पत्रावली खंडंते दिव्यांबर पिंधंते । —कीर्ति॰, पृ॰ ३४ ।