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पिण्डज

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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पिंडज संज्ञा पुं॰ [सं॰ पिण्डज] सब अंगों के बनने पर गर्भ से सजीव निकलनेवाला जंतु, जैसे चमगादर, नेवला, कुत्ता, बिल्ली, बैल, मनुष्य, इत्यादि जो गर्भ से अंडे के रूप में न निकले, बने बनाए शरीर के रूप में निकले । जरायुज ।