पितपापड़ा
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]पितपापड़ा संज्ञा पुं॰ [सं॰ पीतपर्पट] एक झाड़ या क्षुप जिसका उपयोग औषध के रूप में होता है । विशेष—इसे दवनपापड़ा भी कहते हैं । इसके दो भेद होते हैं —एक में लाल फूल लगते है, दूसरे में नीले । लाल फूलवाला अधिक गुणदायक माना जाता है । बैद्यक में इसको शीतल, कड़वा, मलरोधक, बात को कुपित करनेवाला, हलका तथा भ्रम, मद, प्रमेंह तृषा, पित्त, कफ ज्वर, रक्त- विकार अरुचि दाह, ग्लानि ओर रक्तपित्त को नष्ट करनेवाला माना है । पर्या॰—पर्पट । वरतिक्त । पांशुपर्याय । कवचनामक । त्रियष्टि । तिक्त । चरक । वरक । अरक । रेणु । तुष्णारि । शीत । शीतप्रिय । पांशु । कलपांग । वर्मकंटक । कृष्णशाख । प्रगंध । सुतिक्त । रक्तपुष्पक । पित्तारि । कटुपत्र । नक्र । शीतवल्लभ ।