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पितृप्रसू

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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पितृप्रसू संज्ञा स्त्री॰ [सं॰]

१. दादी । आजी बाप की माँ । पिता- मही ।

२. संध्या । विशेष—पितृकृत्य में संध्यागामिनी अथवा सूर्यास्त समय में वर्तमान तिथि ही ग्रहण की जाती है; तथा प्रेतकृत्य में संध्या माता के समान उपकार करनेवाली मानी गई है । यै ही दो उसके पितृप्रसू संज्ञा प्राप्त करने के कारण हैं ।