पिराग
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]पिराग † संज्ञा पुं॰ [सं॰ प्रयाग] दे॰ 'प्रयाग' । उ॰—जैसे कास ी कुरखेत मथुरा पिराग हेत, जात हैं जगत सव काटन कौं पाप जू । —सुंदर ग्रं॰ (जी॰), भा॰ १, पृ॰ १६९ ।
पिराग † संज्ञा पुं॰ [सं॰ प्रयाग] दे॰ 'प्रयाग' । उ॰—जैसे कास ी कुरखेत मथुरा पिराग हेत, जात हैं जगत सव काटन कौं पाप जू । —सुंदर ग्रं॰ (जी॰), भा॰ १, पृ॰ १६९ ।