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पिलना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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पिलना क्रि॰ अ॰ [सं॰ पिल (=प्रेरणा)]

१. किसी ओर एक- बारगी टूट पड़ना । ढल पड़ना । झुक पड़ना । घँस पड़ना । जैसे,— सब लोग उस मंदिर में पिल पडे़ । संयो॰ क्रि॰—पड़ना । मुहा॰— पिल पड़ना = एकाएक आक्रमण कर देना । जत्था बनाकर टूट पड़ना ।

२. एकबारगी प्रवृत्त होना । एकबारगी लग जाना । लिपट जाना । भिड़ जाना । जैसे, किसी काम में पल पड़ना ।

३. पेरा जाना तेल निकालने के लिए दबाया जाना । संयो॰ क्रि॰ — जाना ।