पीड़ार
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]पीड़ार † संज्ञा पुं॰ [सं॰ फणाकर ?] सर्प । एक प्रकार का सर्प । पीवणा । /?/पीणा । उ॰—राई नहीं सखी भइंस पीडार । अस्त्रीय चरित्र उलिषई ही गँवार ।—बी॰ रासो, पृ॰ ३८ ।
पीड़ार † संज्ञा पुं॰ [सं॰ फणाकर ?] सर्प । एक प्रकार का सर्प । पीवणा । /?/पीणा । उ॰—राई नहीं सखी भइंस पीडार । अस्त्रीय चरित्र उलिषई ही गँवार ।—बी॰ रासो, पृ॰ ३८ ।