पुँछीरी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]पुँछीरी पु संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ पुँछ+ औरी (प्रत्य॰)] दे॰ 'पुछल्ला' । उ॰—फेरि कै नैन परे तन पै बदनामी की तापै लगाई पुँछोरी । प्रीति की चंग उमंग चढ़ाय कै सी हरि हाथ बढ़ाय कै तोरी । —भारतंदु ग्रं॰, भा॰ २, पृ॰ २६४ ।