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पुखत

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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पुखत पु वि॰ [सं॰ पुष्ट या फा॰ पुख्तह्] पुर्णतः । भली प्रकार । उ॰—प्राणी तुँ डूबो पुखत मोह नदी रे माँहि । देव नदी में डूबियो नख पग हंदो नाहिं । —बाँकी॰ ग्रं॰, भा॰ २, पृ॰ ११० ।

२. दृढ़ । पुख्ता । उ॰—प्राण गाँठ जेते पुखत, इण तन माझल एह । क्यावर तेते नाम कर दाम गाँठ मत देह । —बाँकी॰ ग्रं॰, भा॰ १, पृ॰ ५१ ।