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पुछना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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पुछना † ^१ क्रि॰ अ॰ [हिं॰ पोंछना का अक॰]

१. पुछकर समास हो जाना । मिट जाना ।

२. जमीन पर पड़े हुए पानी या किसी तरल द्रव्य पोंछकर हटाया जाना ।

पुछना ^२ संज्ञा पुं॰ वह कपड़ा जिससे जमीन या जमीन चौंकी पीढ़ा आदि पर पड़े हुए पानी आदि को पोंछा जाता है ।

पुछना ^३ क्रि॰ स॰ [सं॰ पृच्छन, प्रा॰ पुच्छण, हिं॰ पछना] दे॰ 'पुछना' । उ॰—ए माँ कह मोय पुछों तो ही । —विद्यापति, पृ॰ ५०९ ।