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पुण्यक

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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पुण्यक संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. व्रत, अनुष्ठान आदि जिनसे पुण्य होता है ।

२. ब्रह्मावैवर्त पुराण के गणपति खंड (अ॰ ३-४) में कथित एक व्रत । वह व्रत या उपचार जो पुत्रवती स्त्री अपने पुत्र के कल्याण के लिये करती है ।

३. विष्णु ।