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पुनःखुरी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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पुनःखुरी संज्ञा पुं॰ [सं॰ पुनःखुरिन्] घोड़े के पैर का एक रोग जिसमें उनकी टाप फैल जाती है और वे लड़खड़ाते चलते हैं ।