सामग्री पर जाएँ

पुनराधान

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

पुनराधान संज्ञा पुं॰ [सं॰] श्रौत या स्मार्त अग्नि का फिर से ग्रहण । फिर से अग्निस्थापन । विशेष—पत्नी की मृत्यु हो जाने पर उसके दाहकर्म में अग्नि अर्पित करके गृहस्थ फिर सरे विवाह और अग्नि ग्रहण कर सकता है ।