पुनी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]पुनी पु ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ पुण्य, हिं॰ + पुन + ई (प्रत्य॰)] पुण्य करनेवाला । पुण्यात्मा । उ॰—सब निर्दभ, धर्मरत पुनी । नर अरु नारि चतुर सब गुनी ।—तुलसी (शब्द॰) ।
पुनी ^२ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ पूर्ण, या पूर्णिमा] पूर्णिमा । पूनो । उ॰—चित्र में बिलोकत ही लाल को बदन बाल, जीते जेहिं कोटि चंद शरद पुनीन को ।—मतिराम (शब्द॰) ।
पुनी पु ^३ क्रि॰ वि॰ [हिं॰] दे॰ 'पुनी' । उ॰—मानस बचन काय किए पाप सति भाय राम को कहाय दास दगाबाज पुनी सो ।—तुलसी (शब्द॰) ।