सामग्री पर जाएँ

पुलना

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

पुलना क्रि॰ अ॰ [सं॰ √पुल्]

१. चलना । उ॰— (क) जेती जउ मन माँहि, पंजर जइ तेती पुलइ ।—ढोला॰, दू॰ १७१ । (ख) नाम निर्गुरण की गम्म कैसे लहै ताप तिर्गुराण के र्पथ पुलिया ।— राम॰, धर्म, पृ॰ १६९ ।

२. काँपना । कंपित होना । उ॰— छननंकि बान बजि गोम धंक । कायर पुलंत सूरा निसंक ।—पृ॰ रा॰ १ । ६५८ ।