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पुष्पदत

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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पुष्पदत संज्ञा पुं॰ [सं॰ पुष्पदन्त]

१. वायुकोण का दिग्गज ।

२. एक प्रकार का नगरद्वार ।

३. शिव का अनुचर एक गंधर्व जिसका रचा हुआ महिम्न स्तोत्र कहा जाता है । विशेष— इस गंधर्व के विषय में कहा जाता है कि यह एक बार शिव का निर्माल्य लाँघ गया था । इससे शिव ने शाप द्वारा इसका आकाशगमन रोक दिया था । पीछे महिम्न स्तोत्र बनाकर पाठ करने से इस खेचरत्व प्राप्त हो गया ।

४. एक विद्याघर ।

५. कार्तिकेय का एक अनुचर ।

६. चंद्र और सूर्य (को॰) ।