पूर्वानुराग
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]पूर्वानुराग संज्ञा पुं॰ [सं॰] वह प्रेम जो किसी के गुण सुनकर अथवा उसका चित्र या रूप देखकर उत्पन्न होता है । अनुराग या प्रेम का आरंभ । दे॰ 'पूर्वराग' । विशेष—साहित्य में पूर्वानुराग या पूर्वराग उस समय तक माना जाता है, जब तक प्रेमी और प्रेमिका का मिलन न हो । मिलने के उपरांत उसे प्रेम या प्रीति कहते हैं ।