पूषण
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]पूषण संज्ञा पुं॰ [सं॰]
१. सूर्य ।
२. पुराणानुसार बारह अदित्यों में से एक ।
३. एक वैदिक देवता जिनकी भावना भिन्न भिन्न रूपों मे पाई जाती है । कहीं वे सूर्य के रूप में (लोकलोचन), कहीं पशुओं के पोषक के रूप में, कहीं धनरक्षक के रूप में ओर कहीं सोम के रूप में पाए जाते हैँ ।
४. पृथिवी । धरा (को॰) ।