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पृथूदक

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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पृथूदक संज्ञा पुं॰ [सं॰] सरस्वती नदी के दक्षिणः तट पर का एक प्रसिद्ध प्राचीन तीर्थ । विशेष— पुराणों में कहा है कि राजा पृथु ने अपने पिता वेणु के मरने पर यहीं उनकी अंत्योष्टि क्रिया की थी और बारह दिनों तक अभ्यागतों को जल पिलाया था । इसी से इसका यह नाम पड़ा । आजकल इस स्थान को पोहोआ कहते हैं ।