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पेया

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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पेया संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] वैद्यक में चावलों की बनी हुई एक प्रकार की लपसी । विशेष—यह किसी के मत से ग्यारह गुने किसी के मत से चौदह गुने और किसी के मत से पंद्रह गदुने पानी में पकाकर तौयार की जाती है । यह स्वेद और अग्निजनक तथआ भूख, प्यास, ग्लानि, दुर्बलता औऱ कुष्ठ रोग की नाशक मानी जाती है ।

२. माँड़ ।

३. आदी । अदरक ।

४. सोआ नामक साग ।

५. सौंफ ।