पेवँ
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]पेवँ † संज्ञा पुं॰ [सं॰ प्रेम] प्रीति । प्रेम । उ॰—दायज बसन मणि धेनु धन हय गय सुसेवक सेवकी । दीन्हीं मुदित गिरिराज जे गिरिजहि पियारी पेँ की ।—तुलसी (शब्द॰) ।
पेवँ † संज्ञा पुं॰ [सं॰ प्रेम] प्रीति । प्रेम । उ॰—दायज बसन मणि धेनु धन हय गय सुसेवक सेवकी । दीन्हीं मुदित गिरिराज जे गिरिजहि पियारी पेँ की ।—तुलसी (शब्द॰) ।