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पेवन्द

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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पेवंद † संज्ञा पुं॰ [फा़॰] दे॰ 'पैवंद' । उ॰—पाँच पेवंद की बनी रे गुदड़िया तामें हीरा लाल लगावा ।—कबीर॰ श॰, भा॰ १, पृ॰ ४३ ।