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पेषण

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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पेषण संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. पीसना ।

२. तिधारा थूहड़ ।

३. वह वसु जिससे कोई चीज पीसी या चूर्ण की जाय । खरल (को॰) ।

४. खलिहान । खलधान्य (को॰) ।