पेषना
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]पेषना ^१ क्रि॰ सं॰ [सं॰ प्रेकष्ण, प्रेक्षण] दे॰ 'पेखना' । उ॰— पषावषी कै पेषणै, सब जगत भुलाना ।—कबीर ग्रं॰, पृ॰ १४९ ।
पेषना ^२ संज्ञा पुं॰ दे॰ 'पेखना' ।
पेषना ^१ क्रि॰ सं॰ [सं॰ प्रेकष्ण, प्रेक्षण] दे॰ 'पेखना' । उ॰— पषावषी कै पेषणै, सब जगत भुलाना ।—कबीर ग्रं॰, पृ॰ १४९ ।
पेषना ^२ संज्ञा पुं॰ दे॰ 'पेखना' ।