सामग्री पर जाएँ

पैशाचकाय

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

पैशाचकाय संज्ञा पुं॰ [सं॰] सुश्रुत में कहे हुए कायों (शरीरों) में एक जो 'राजस काय' के अंतर्गत है । विशेष—जूठा खाने की रुचि, स्वभाव का तीखापन, दुःसाहस, स्त्रीलोलुपता और निर्लज्जता 'पैशाच कार्य' के लक्षण है ।