पोँगा
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]पोँगा ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ पुटक (= खोखला बरतन)] [स्त्री॰ अल्पा॰ पोंगी]
१. बाँस की नली । बाँस का खोखला पोर ।
२. टीन आदि की बनी हुई लंबी खोखली नली जिसमें कागज पत्र रखते हैं । चोंगा ।
३. पाँव की नली ।
पोँगा ^२ वि॰
१. पोला ।
२. मूर्ख । बुद्धिहीन । अहमक । उ॰— विमला ने कहा 'हँसी नहीं' मैं उस ब्राह्मण को पतियाती हूँ । वह तो पोंगा ही है—किंतु वह जाय या न जाय ।—गदाधर सिंह (शब्द॰) ।