पोखना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]पोखना ^१ क्रि॰ स॰ [सं॰ पोषण] पालना । पोसना । उ॰—अरे कलानिधि निरदई कहा नधी यह आय । पोखत अमिरित कलन जग बिरहिन हेत जराय ।—रसनिधि (शब्द॰) ।
पोखना ^२ क्रि॰ अ॰ गाय भैंस आदि का बच्चा देने का समय समी प आने पर, हाथ पैर आदि का ढीला पड़ जाना और थन का सज आना । थलकना ।