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पौरू

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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पौरू संज्ञा स्त्री॰ [देश॰] भूमि का एक भेद । एक प्रकार की मिट्टी या जमीन जिसके कई भेद होते हैं । यौ॰—पौरू केहरा = एक प्रकार की मिट्टी । यह मिट्टी सफेद रंग की होती है और इसके ऊपर पतली पपड़ी सी जम जाती है जिससे रेह और सज्जी बन सकती है । इस भूमि में रबी और खरीफ दोनों फसलें होती है । पौरू केहरा अमीर = एक मिट्टी । इसका रंग सफेदी लिए पीला होता है और इसमें फसल अधिक वर्षा में उपजती है । पौरू कौड़िया = मिट्टी की एक किस्म । यह मिट्टी ललाई लिए होती है । यह न गीली होने से लसीली होती है और न सूखने पर फटती है । इसमें खरीफ की फसल अच्छी होती है । और पानी देने से इसमें रबी की फसल भी होती है । पौरू तूसी = भूरे रंग की मिट्टी । यह भूरे रंग की होती है । इसमें रबी नहीं उपज सकती । पौरू दुरसन = इसकी मिट्टी कहीं ललाई और कहीं कालापन लिए होती है । इसमें रबी की फसल अच्छी होती है पर खरीफ के लिए पानी की अधिक आवश्यकता पड़ती है ।