प्रणीता
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]प्रणीता संज्ञा स्त्री॰ [सं॰]
१. वह जल जो यज्ञ के कार्य के लिये वेदमंत्रों को पढ़ते हुए कुएँ से निकाला जाता है और मंत्रों के उच्चारण सहित छानकर रखा जाता है ।
२. वह पात्र जिसमें उपर्युक्त जल रखा जाता है ।