प्रतीक्षा
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संज्ञा
[सम्पादित करें]प्रतीक्षा
- किसी व्यक्ति, वस्तु, या घटना के आने या घटित होने की आशा में इंतजार करना।
उच्चारण
[सम्पादित करें]IPA: /pɾə.t̪iː.kʂɑː/
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]प्रतीक्षा संज्ञा स्त्री॰ [सं॰]
१. किसी व्यक्ति अथवा काल के आने या किसी घटना के होने के आसरे में रहना । किसी कार्य के होने या किसी के आने की आशा में रहना । आसरा । इंतजार । प्रत्याशा । जैसे,— (क) मैं एक घटे से आपकी प्रतीक्षा कर रहा हूँ । (ख) वे इस मास की समाप्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं । उ॰— डूब बची लक्ष्मी पानी में, सती आग में पैठ । जिए उर्मिला करे प्रतीक्षा, सहे सभी घर बैठ । —साकेत, पृ॰ ३१८ ।
२. किसी का भरण पोषण करना । प्रतिपालन ।
३. पूजा ।
४. संमान (को॰) ।
५. ध्यान देना । विचार । करना (को॰) ।
उदाहरण वाक्य
[सम्पादित करें]- वह अपने दोस्त की प्रतीक्षा कर रहा था।
- परीक्षा के परिणाम की प्रतीक्षा सभी छात्रों को थी।