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प्रत्युत्थान

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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प्रत्युत्थान संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. किसी बड़े या पूज्य के आने पर उसके स्वागत और आदर के लिये आसन छोड़कर उठ खड़ा होना । अभ्युत्थान ।

२. शत्रु आदि का सामना करने के लिये उठकर खड़ा होना (को॰) ।

३. लड़ाई की तैयारी करना (को॰) ।

४. किसी काम को करने की व्यवस्था करना (को॰) ।