प्रयान
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]प्रयान पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ प्रयाण] दे॰ 'प्रयाण' । उ॰—विचारी वियोगिनी वनिताओं के प्रान प्रयान करने लगे । —प्रेमघन॰, भा॰ २, पृ॰ १० ।
प्रयान संज्ञा पुं॰ [सं॰]
१. देश या काल संबंधी दीर्घता । लंबाई ।
२. संयम । बँघा हुआ आचरण ।
३. अभाव । दुष्काल । दष्प्राप्यता । महँगी । किसी वस्तु के अभाव के कारण ग्राह कों की होड़ ।
४. कदर ।