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प्रलापु

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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प्रलापु पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ प्रलाप] दे॰ 'प्रलाप' । उ॰—सुर समर करनी करहिं, कहि न जनावहिं आपु । विद्यमान रन पाय रिपु, कायर करहिं प्रलापु । —मानस, १ ।२७४ ।