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प्रवर्त

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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प्रवर्त संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. कार्यारंभ । ठानना । उ॰—जब रन होत प्रवर्त रचत अरि हृदय गर्त नव ।—गोपाल (शब्द॰) ।

२. एक प्रकार का मेघ ।

३. गोल आकार का एक प्राचीन आभूषण (अथर्व॰) ।