प्रहर्षणी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]प्रहर्षणी संज्ञा स्त्री॰ [सं॰]
१. हरिद्रा । हलदी ।
२. तेरह अक्षरों की एक वर्णवृत्ति जिसके प्रत्येक चरण में मगण फिर नगण, फिर जगण, रगण और अंत में एक गुरु होता है । (म न ज र ग) । तीसरे और दसवें वर्ण पर यति होती है । जैसे,— वैसो ही विरचहु रास हे कन्हाई, सरद प्रहर्षिणी जुन्हाई ।