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प्राणअधार

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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प्राणअधार पु † ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ प्राण+आधार]

१. वह जो प्राणों के समान प्यारा हो । बहुत प्रिय व्यक्ति । उ॰—(क) अब ही और की और होति कछु लागे बाण, ताते मैं पाती लिखी तुम प्राणअधारा । —सूर (शब्द॰) । (ख) अपने ही गेह मधुपुरी आवन देवकी प्राणअधारा हो । असुर मारि सुर साध बढा़वन ब्रजजन सुखदातारा हो । —सूर (शब्द॰) ।

२. पित । स्वामी ।

प्राणअधार ^२ वि॰ प्रिय ।