प्राणपति
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]प्राणपति संज्ञा पुं॰ [सं॰]
१. आत्मा ।
२. हृदय ।
३. पति । स्वामी ।
४. प्रिय व्यक्ति । प्यारा । उ॰—करि मन नंदन नंदन ध्यान । सेउ चरन सरोज सीतल तजि विषयरस पान ।॰॰००००सूर श्री गोपाल की छबि दृष्टि भरि भरि लेहिं । प्राणपति की निरखि शोभा पलक परन न देहिं । —सूर (शब्द॰) ।
५. चिकित्सक । वैद्य । हकीम (को॰) ।