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प्राणमय

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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प्राणमय वि॰ [सं॰] प्राण संयुक्त । जिसमें प्राण हों ।

प्राणमय कोश संज्ञा पुं॰ [सं॰] वेदांत के अनुसार पाँच कोशों में से दूसरा । विशेष—यह पाँच प्राणों से जिन्हें प्राण,अपान, व्यान, उदान और समान कहते हैं, बना हुआ माना जाता है । वेदांतसार में पाँचों कर्मेंद्रियों को भी प्राणमय कोश के अंतर्गत माना है । इसी प्राणमय कोश से मनुष्य को सुखदु खादि का बोध होता है । सूक्ष्म प्राण सारे शरीर में फैलकर मन को सुख दु:ख का ज्ञान कराते हैं । यही कोश बौद्ध ग्रंथों में वेदना स्कंध माना गया है ।