सामग्री पर जाएँ

प्रियंवदा

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

प्रियंवदा संज्ञा [स्त्री॰]

१. अभिज्ञान शाकुंतल में शकुंतला की एक सखी ।

२. एक वृत्त का नाम जिसके प्रत्येक चरण में नगण, भगण, जगण और रगण (/?/) होता है और ४-४ पर यति होती है । जैसे—न भज रे हरिजु सों कबौं नरा । जिहि भजै हर विधी सुनिर्जरा ।