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प्लवंगम

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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प्लवंगम संज्ञा पुं॰ [सं॰ प्लवङ्गम] एक छंद जिसके प्रत्येक पाद में ८ + १३ के विराम से २१ मात्राएँ , आदि का वर्ण गुरु और अंत में १ जगण और १ गुरु होता है ।

२. बंदर । वानर । कपि ।

३. मेंढक ।