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फरहर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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फरहर ‡ वि॰ [सं॰ स्फार, प्रा॰ फार (=अलग अलग), अथवा फरहरा]

१. जो एक में लिपटा या मिला हुआ न हो, अलग अलग हो । जैसे, फरहर भात ।

२. साफ । स्पष्ट ।

३. शुद्ध । निर्मल ।

४. जो कुछ दूर दूर पर हो ।

५. जो उदास न हो । खिला हुआ । प्रसन्न । हरा भरा ।

६. तेज । चालाक ।