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फराखी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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फराखी संज्ञा स्त्री॰ [फा॰ फराखी]

१. चौड़ाई । विस्तार । फैलाव ।

२. आढ्यता । संपन्नता ।

३. घोड़े का तंग । विशेष—यह घोड़े की पीठ पर कंबल, गरदनी आदि डालकर उसपर लगाया जाता है । यह चौड़ा तमसा या फीता होता है और इसके दोनों सिरों पर कड़े लगे रहते हैं ।