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फरिका

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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फरिका ‡ संज्ञा पुं॰ [हिं॰]

१. दे॰ 'फरका' ।

२. द्वार पर का टट्टर । दरवाजे के किवाड़ । उ॰— सुनत मुरली अलिन धीर धरिकै । चली पितु मातु अपमान करिकै । लरत निकसी सबै तोरि फरि कै । भई आतुर वदन दरश हरि कै ।— सूर (शब्द॰) ।